0

0

0

0

0

0

इस आलेख में

Dips For Diabetics: ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकने के लिए घर पर बनाएं ये चटनी
4

Dips For Diabetics: ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकने के लिए घर पर बनाएं ये चटनी

डायबिटीज़ वाले लोग अपने नाश्ते में हेल्दी डिप्स का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इनमें फैट और कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

डायबिटीज़ वाले लोग अपने नाश्ते में हेल्दी डिप्स (चटनी) का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इनमें फैट और कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

अगर आपने डायबिटीज़ पर नियंत्रण पाने के दौरान छोटी सी भी लापरवाही की, तो इससे ब्लड शुगर लेवल पर नियंत्रण पाने का आपका लक्ष्य पूरा नहीं होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज़ में खाए जाने वाले स्नैक्स को अपने डायट में शामिल करने के बाद भी डायबिटीज़ से पीड़ित लोग कभी-कभी हेल्दी डिप्स के बजाय केचअप और सैलेड डिप्स जैसे प्रोसेस्ड और पैकेज्ड डिप्स का विकल्प चुन लेते हैं और इनसे उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

 

डिप्स (चटनी) से आपका डायबिटीज़ मैनेजमेंट प्रोग्राम कैसे प्रभावित होता है

इन डिप्स या मसालों में न केवल प्रिजर्वेटिव होते हैं, बल्कि इसमें ट्रांस फैट्स और शुगर भी होते हैं, जो शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

व्हाइटफील्ड स्थित मणिपाल हॉस्पिटल की डायबिटीज़ और एंडोक्राइनोलॉजी कसंल्टेंट डॉ. श्रीदेवी एटलुरी का कहना है, “रोज़ टमाटर केचअप का सेवन करने वाले लोगों को नहीं पता है कि इसमें कॉर्न सिरप होता है, जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता है।”

डॉ. एटलुरी कहती हैं कि स्नैक्स के साथ मेयोनेज़, पीनट बटर, चीज़ डिप्स का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनमें बहुत अधिक फैटी एसिड होने के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। हाई कैलोरी वाले फूड्स भी वज़न बढ़ाते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या बनते हैं।

डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. अश्विता श्रुति दास का कहना है कि डायबिटीज़ वाले लोगों द्वारा बार-बार अपने डायट में हाई सोडियम और शुगर जैसे प्रिजर्वेटिव फूड्स को शामिल करने पर उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और अन्य बीमारियों हो सकती हैं और इससे डायबिटीज़ वाले लोगों के स्वास्थ्य को जोखिम पहुंच सकता है।

 

घर पर डिप्स बनाएं

हमेशा केचअप के बॉटल्स और पैकेज्ड फूड्स में शामिल कंटेंट की लिस्ट को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपको पता चल सके कि ये डायबिटीज़ वाले लोगों के सही हैं या नहीं। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज़ वाले लोगों को बेहतर विकल्प के रूप में घर पर खुद से हेल्दी डिप्स बनाना चाहिए।

डॉ. एटलुरी सुझाव देती हैं, “घर पर बने डिप्स, जैसे ताज़े टमाटरों से बनी टमाटर की चटनी, मूंगफली की चटनी या हाई GI से युक्त जड़ों वाली सब्जियों को छोड़कर नेचुरल सब्जियों से बनी किसी भी चीज़ का सेवन करें।”

न्यूट्रिशनिस्ट निधि निगम का कहना है, “डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों के लिए एवोकाडो, टमाटर, नट्स और बीज आदि जैसे नेचुरल और कम कैलोरी वाले आइटम्स का उपयोग करके हेल्दी डिप्स तैयार करना सबसे अच्छा है, क्योंकि ये स्वादिष्ट और स्वस्थ होते हैं।”

डायट एक्सपर्ट दीपलेखा बनर्जी का कहना है, “कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ डायबिटीज के अनुकूल नेचुरल आइटम्स चुनना सबसे अच्छा है।।”

डायटीशियन दीपालेखा बनर्जी के अनुसार, “हमस (चने की डिप), ताहिनी (तिल की डिप), साल्सा (टमाटर, प्याज और मिर्च से बना मैक्सिकन डिप), दाल और सब्जियों से बनी डिप जैसे हेल्दी फूड्स का सेवन करने का सुझाव देती हैं। ये सभी आइटम्स ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और पाचन में देरी करने में मदद करते हैं, जिससे बेहतर अवशोषण होता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है।”

ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर ताहिनी डिप बनाने के लिए भुने हुए तिल को पीसकर पतला पेस्ट बना लें और फिर इसमें थोड़ा सा ऑलिव ऑयल, लहसुन, नमक और नींबू का रस और दही मिलाएं। इसमें कैल्शियम भरपूर होता है और ओमेगा 3, 6 और 9 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है।

इसी तरह, मिडिल ईस्टर्न डीप हमस में मूल रेसिपी के अलावा अन्य कई हेल्दी आइटम्स, जैसे लहसुन, ताहिनी पेस्ट, ऑलिव ऑयल और नमक के साथ उबले हुए चने शामिल कर सकते हैं।

बनर्जी का कहना है, “इस तरह के पौष्टिक विकल्पों में से एक भुने हुए हरे टमाटरों से बनाया गया हमस है, क्योंकि ये विटामिन A से भरपूर होते हैं। इसमें पोटेशियम भी भरपूर मात्रा में होता है और यह सोडियम के नुकसान को कम करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।”

इसी तरह, स्वादिष्ट और न्यूट्रिशन को संतुलित करने के लिए अन्य पौष्टिक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डिप, जैसे रेड बेल चिल्ली हमस, चुकंदर और हरे प्याज का साल्सा, दही और चेरी से बना टमाटर डिप और फूलगोभी चने से बना हमस तैयार किए जा सकते हैं।

निगम का सुझाव है कि रेडीमेड केचअप की जगह पर मेक्सिको से बना साल्सा ताज़ा और तीखा होता है और बेहतर स्वाद के लिए प्याज, टमाटर, हर्ब, धनिया की पत्तियों और नींबू जैसे नेचुरल आइटम्स से बनाया जाता है।

डायबिटीज़ वाले लोग फायदेमंद स्नैक्स के साथ एक और हेल्दी नाश्ता बना सकते हैं। इसके लिए धनिया और पुदीने की पत्तियों को नमक, हरी मिर्च और आमचूर पाउडर के साथ मिलाएं और फिर इसमें दही मिला लें। यह डिप सूखे भुने पापड़, वेजी स्टिक (गाजर और ककड़ी) और ग्रिल्ड कबाब के साथ अच्छा लगता है।”

हेल्दी फैट के साथ हेल्दी डिप बनाने की एक और रेसिपी है। इसके लिए लहसुन, नमक, हरी मिर्च और दही के साथ तिल और अलसी के बीज को मिला लें। इसका सेवन वेजी स्टिक, मूंग दाल पापड़, थेपला, खाखरा मेथी, मखाना और भेलपुरी के साथ भी किया जा सकता है।

निगम ने कहा है कि नट्स और सीड्स से भरपूर डिप्स से शरीर को प्रोटीन और लाभदायक फैट्स मिलते हैं और शुगर भी नहीं बढ़ता है। इसके साथ ही आपको मसल रिटेंशन के लिए पैकेज और प्रोसेस्ड वाली बिना कैलोरी वाले डिप्स की जगह प्रोटीन मिलता है।

निगम ने कहा है कि हर्ब और पनीर के साथ हंग कर्ड और दही मिलाकर प्रोटीन से भरपूर हमस डिप बनाएं। इसे क्रिस्प रोटी के साथ उपयोग किया जा सकता है।

 

नाश्ता करें, लेकिन सोच-समझकर आइटम्स शामिल करें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्नैक्स और डिप्स के बीच सही संतुलन बनाना ज़रूरी है और दोनों में से किसी की भी मात्रा अधिक नहीं होनी चाहिए।

बनर्जी का सुझाव है, “ऑयल कम करने के लिए एयर फ्रायर का उपयोग करके  ब्रोकोली के पकौड़े, रोल्ड ओट्स नाचोस और बाजरा या रागी चिप्स जैसी चीज़ें तैयार की जा सकती हैं।”

दास का कहना है कि फूड्स के बीच स्नैक्स के लिए समय निर्धारित करें और इन्हें फूड्स से ठीक पहले या बाद में न खाएं। इसके साथ ही डायबिटीज़ मरीज़ों को फिट रहने और एक्सट्रा कैलोरी बर्न करने के लिए चलना और एक्सरसाइज़ करना भी ज़रूरी है।

 

संक्षिप्त विवरण

  • डायबिटीज़ वाले लोग नेचुरल और कम GI कंटेंट के साथ घर पर बना पौष्टिक और हेल्दी डिप्स का आनंद ले सकते हैं।
  • फाइबर वाली सब्जियां, सिड्स और नट्स शामिल करें और उन्हें हेल्दी और कम कैलोरी वाले स्नैक्स के साथ मिलाकर खाएं, ताकि कैलोरी की मात्रा अधिक न हों।
  • फूड्स के बीच में थोड़ी मात्रा में स्नैक्स और डिप्स का सेवन करें।

अपना अनुभव/टिप्पणियां साझा करें

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

7 + ten =

प्रचलित

लेख

लेख
चूंकि शोल्डर इम्पिंगमेंट सिंड्रोम रिवर्सिबल है, यह सलाह दी जाती है कि जैसे ही दर्द के शुरुआती लक्षण दिखाई दें, आप डॉक्टर से मिलें
लेख
लेख

0

0

0

0

0

0

Opt-in To Our Daily Newsletter

* Please check your Spam folder for the Opt-in confirmation mail

Opt-in To Our
Daily Newsletter

We use cookies to customize your user experience, view our policy here

आपकी प्रतिक्रिया सफलतापूर्वक सबमिट कर दी गई है।

हैप्पीएस्ट हेल्थ की टीम जल्द से जल्द आप तक पहुंचेगी